प्राकृतिक चिकित्सा

प्रत्येक मनुष्य के जीवन में इन तीन बातों की अत्यधिक आवश्यकता होती है – स्वस्थ जीवन, सुखी जीवन तथा सम्मानित जीवन। सुख का आधार स्वास्थ्य है तथा सुखी जीवन ही सम्मान के योग्य है।

आयुर्वेद का अनुपम उपहार

अच्युताय हरिओम उत्पाद

स्वास्थ्य का सच्चा मार्ग

स्वास्थ्य का मूल आधार संयम है।

सर्दियों के लिए विशेष

अच्युताय हरिओम उत्पाद

Achyutaya HariOm Panchamrit Ras :अच्युताय हरिओम पंचामृत रस : स्वास्थय व ऊर्जा प्रदायक, पाचक, व रोगनाशक अदभुत योग

Achyutaya HariOm Santkripa Surma : अच्युताय हरिओम संतकृपा सुरमा - आँखों को सुरक्षित, निरोगी, तेजस्वी बनाने की क्षमता रखने वाला अदभुत योग

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Saturday, 13 July 2013

भूख बढाने के कुछ असरदार नुस्खे

भूख बढाने के कुछ असरदार नुस्खे


हमारे शरीर की अग्नि खाये गये भोजन को पचाने का काम करती है,यदि यह अग्नि किसी कारण से मंद पड़ जाये तो भोजन ठीक तरह से नही पचता है, भोजन के ठीक से नही पचने के कारण शरीर में कितने ही रोग पैदा हो जाते है,अनियमित खानपान से वायु पित्त और कफ़ दूषित हो जाते है,जिसकी वजह से भूख लगनी बंद हो जाती है,और अजीर्ण अपच वायु विकार तथा पित्त आदि की शिकायतें आने लगती है,भूख लगनी बंद हो जाती है,शरीर टूटने लगता है, स्वाद बिगड जाता है,पेट में भारीपन महसूस होने लगता है,पेट खराब होने से दिमाग खराब रहना चालू हो जाता है,अथवा समझ लीजिये कि शरीर का पूरा का पूरा तंत्र ही खराब हो जाता है,इसके लिये मंन्दाग्नि से हमेशा बचना चाहिये और तकलीफ़ होने पर इन दवाओं का प्रयोग करना चाहिये।
  1. * भूख नही लगने पर आधा माशा फ़ूला हुआ सुहागा एक कप गुनगुने पानी में दो तीन बार लेने से भूख खुल जाती है। 
  2. * काला नमक चाटने से गैस खारिज होती है,और भूख बढती है,यह नमक पेट को भी साफ़ करता है। 
  3. * हरड का चूर्ण सौंठ और गुड के साथ अथवा सेंधे नमक के साथ  सेवन करने से मंदाग्नि ठीक होती है। 
  4. * सेंधा नमक,हींग अजवायन और त्रिफ़ला का समभाग लेकर कूट पीस कर चूर्ण बना लें,इस चूर्ण के बराबर पुराना गुड लेकर सारे चूर्ण के अन्दर मिला दें,और छोटी छोटी गोलियां बना लें,रोजाना ताजे पानी से एक या दो गोली लेना चालू कर दे,यह गोलियां खाना खाने के बाद ली जाती है,इससे खाना पचेगा भी और भूख भी बढेगी। 
  5. * हरड को नीब की निबोलियों के साथ लेने से भूख बढती है,और शरीर के चर्म रोगों का भी नाश होता है। 
  6. * हरड गुड और सौंठ का चूर्ण बनाकर उसे थोडा थोडा मट्ठे के साथ रोजाना लेने से भूख खुल जाती है। 
  7. * छाछ के रोजाना लेने से मंदाग्नि खत्म हो जाती है। 
  8. * सोंठ का चूर्ण घी में मिलाकर चाटने से और गरम जल खूब पीने से भूख खूब लगती है। 
  9. * रोज भोजन करने से पहले छिली हुई अदरक को सेंधा नमक लगाकर खाने से भूख बढती है। 
  10. * लाल मिर्च को नीबू के रस में चालीस दिन तक खरल करके दो दो रत्ती की गोलियां बना लें,रोज एक गोली खाने से भूख बढती है। 
  11. * गेंहूं के चोकर में सेंधा नमक और अजवायन मिलाकर रोटी बनवायी जाये,इससे भूख बहुत बढती है। 
  12. * मोठ की दाल मंदाग्नि और बुखार की नाशक है। 
  13. * डेढ ग्राम सांभर नमक रोज सुबह फ़ांककर पानी पीलें,मंदाग्नि का नामोनिशान मिट जायेगा। 
  14. * पके टमाटर की फ़ांके चूंसते रहने से भूख खुल जाती है। 
  15. * दो छुहारों का गूदा निकाल कर तीन सौ ग्राम दूध में पका लें,छुहारों का सत निकलने पर दूध को पी लें,इससे खाना भी पचता है,और भूख भी लगती है। 
  16. * जीरा सोंठ अजवायन छोटी पीपल और काली मिर्च समभाग में लें,उसमे थोडी सी हींग मिला लें,फ़िर इन सबको खूब बारीक पीस कर चूर्ण बना लें,इस चूर्ण का एक चम्मच भाग छाछ मे मिलाकर रोजाना पीना चालू करें,दो सप्ताह तक लेने से कैसी भी कब्जियत में फ़ायदा देगा। 
  17. * भोजन के आधा घंटा पूर्व चुकन्दर गाजर टमाटर पत्ता गोभी पालक तथा अन्य हरी साग सब्जियां व फ़लीदार सब्जियों के मिश्रण का रस पीने से भूख बढती है। 
  18. * सेब का सेवन करने से भूख भी बढती है और खून भी साफ़ होता है। 
  19. * अजवायन चालीस ग्राम सेंधा नमक दस ग्राम दोनो को कूट पीस कर एक साफ़ बोतल में रखलें,इसमे दो ग्राम चूर्ण रोजाना सवेरे फ़ांक कर ऊपर से पानी पी लें,इससे भूख भी बढेगी और वात वाली बीमारियां भी समाप्त होंगी। 
  20. * एक पाव सौंफ़ पानी में भिगो दें,फ़िर इस पानी में चौगुनी मिश्री मिलाकर पका लें,इस शरबत को चाटने से भूख बढती है। 
  21. * पकी हुई मीठी इमली के पत्ते सेंधा नमक या काला नमक काली मिर्च और हींग का काढा बनाकर पीने से मंदाग्नि ठीक हो जाती है। 
  22. * जायफ़ल का एक ग्राम चूर्ण शहद के साथ चाटने से जठराग्नि प्रबल होकर मंदाग्नि दूर होती है। 
  23. * सोंफ़ सोंठ और मिश्री सभी को समान भाग लेकर ताजे पानी से रोजाना लेना चाहिये इससे पाचन शक्ति प्रबल होती है। 
  24. * जवाखार और सोंठ का चूर्ण गरम पानी से लेने से मंदाग्नि दूर होती है। 
  25. * लीची को भोजन से पहले लेने से पाचन शक्ति और भूख में बढोत्तरी होती है। 
  26. * अनार भी क्षुधा वर्धक होता है,इसका सेवन करने से भूख बढती है। 
  27. * नीबू का रस रोजाना पानी में मिलाकर पीने से भूख बढती है। 
  28. * आधा गिलास अनन्नास का रस भोजन से पहले पीने से भूख बढती है। 
  29. * तरबूज के बीज की गिरी खाने से भूख बढती है। 
  30. * बील का फ़ल या जूस भी भूख बढाने वाला होता है। 
  31. * इमली की पत्ती की चटनी बनाकर खाने से भूख भी बढती है,और खाना भी हजम होता है। 
  32. * सिरका सोंठ काला नमक भुना सुहागा और फ़ूला हींग समभाग मे लेकर मिला लें,रोजाना खाने के बाद भूख बढती है। 
  33. * सूखा पुदीना बडी इलायची सोंठ सौंफ़ गुलाब के फ़ूल धनिया सफ़ेद जीरा अनारदाना आलूबुखारा और हरड समान मात्रा में लेकर चूर्ण बना लें,मंदाग्नि अवश्य दूर हो जायेगी। 
  34. * एक ग्राम लाल मिर्च को अदरक और नीबू के रस में खरल कर लें,फ़िर इसकी काली मिर्च के बराबर की गोलिया बना लें, यह गोली चूसने से भूख बढती है। 

Saturday, 16 March 2013

संतकृपा चूर्ण (Sant Krupa Churna)




संतकृपा चूर्ण (Sant Krupa Churna)



कब्ज ,पेट में कृमि,गैस की तकलीफ ,बदहजमी ,एसिडिटी ,सर्दी ,जुकाम ,खांसी ,सिरदर्द दूर करने तथा विशेष शक्ति ,स्फूर्ति एवं ताजगी के लिए लाभप्रद चूर्ण  ।

(1)Product Name :- Sant – Krupa Churna
(2)Quantity :- 220 g.
(3)Direction For Use :- 1 t.s.f churna twice a day with 1 glass lukewarm water + 1 t.s.f. honey + 10 ml lime juice.( Dose depends upon age, weight & illness of the individuals) OR as directed by physician.
          Note :- Do not take milk 2 hr. before & 2 hr. after medicine.
(4)Benefits :- It increases apetite & regulate peristalsis thereby useful in anorexia, gas trouble, excess belching, tympanitis, flatulance, constipation & malabsorption syndromes.
            It clears worms, decreases kapha production, therefore useful in allergic bronchitis.
         Daily use first removes unwanted waste product from intestine, live, spleen & then from blood thus makes skin shiny & cures skin diseases.
(5)Main Ingredients :- Terminalia chebula (Harad),  Emblica officinalis (Amla), ocimum sanctum (Tulsi),Black salt (saindhav) etc.










Sunday, 10 March 2013

अच्युताय अदरक युक्त आँवला शरबत(Achyutaya Amla Sharbat)


अच्युताय अदरक युक्त आँवला शरबत(Achyutaya Amla  Sharbat)


Benefits :- इसके नियमित सेवन से यकृत (लीवर) एवं आँतों की कार्यक्षमता बढ़कर अन्न का पाचन ठीक से होता है! यह भूख को बढ़ाता है और वायु का अनुलोमन करता है! अतः अरुचि (Anorexia), अम्लपित (Acidity) , पेट फूलना (gas), कब्ज (constipation) , कृमिरोग आदि पेट के अनेक रोगों में में लाभदायी है! इसके अतिरिक्त यह ह्रदय, मस्तिष्क एवं बालों के लिए भी हितकर है!
इससे शरीर पुष्ट एवं बलवान बनता है और चेहरे की कांति बढ़ती है! यह रोगप्रतिकारक शक्ति बढ़ाकर ऋतु- परिवर्तनजन्य रोगों से रक्षा करता है! इसके सेवन से दिनभर शरीर में उत्साह, प्रसन्न्ता एवं स्फूर्ति बनी रहती है!

Direction For Use :- २०-३० मि. ली.शरबत पानी में मिलाकर लें !
Main Ingredients :- आंवला , अदरक










Thursday, 7 March 2013

अच्युताय सितोपलादि चूर्ण(Achyutaya Sitopladi Churna)




अच्युताय सितोपलादि चूर्ण(Achyutaya Sitopladi Churna)

 

उपयोग : यह चूर्ण क्षय, खाँसी, जीर्णज्वर,
धातुगतज्वर, मंदाग्नि, अरुचि, प्रमेय, छाती
में जलन, पित्त विकार, खाँसी में कफ के
साथ खून आना,बालको की निर्बलता,
रात्री में ज्वर आना, नेत्र में उष्णता तथा
गले में जलन आदि विकारों को दूर करता
है सगर्भा स्त्रियों को ३-४ मास तक सेवन
करने से गर्भ पुष्ट और तेजस्वी बनता है
मात्रा : २ से ४ ग्राम दिन में २ बार शहद
      के साथ ले  
   
(1)Product Name :-  Sitopladi Churna
(2)Quantity :- 50 g.
(3)Direction For Use :- 2 to 4 g. powder once or twice a  day on empty stomach with honey ( Dose depends upon age, weight & illness of the individuals). OR as directed by physician.
 (4)Benefits :- It acts as a mucolytic expectorant thereby useful in productive cough, dry cough, rhinorrhoea, sinusitis, asthma, bronchitis, haemoptysis, T.B.(kshay),
          It increases apetite thereby useful in long standing low grade fever, anorexia etc.
(5)Main Ingredients :- Bambusa arundinaceae(Pure vanslochan), Piper longum(pipar), Cinnamomum zeylanicum(dalchini) etc. 









Wednesday, 6 March 2013

अच्युताय लिवर टोनिक सिरप(Achyutaya Liver Tonic Syrup)





अच्युताय लिवर टोनिक सिरप(Achyutaya Liver Tonic Syrup)


सभी प्रकार के यकृत,
खून की कमी, पीलिया, रक्त-
विकार, कमजोरी, भूख न
लगना, अरुचि, कब्ज, पेट दर्द
तथा गैस में अत्याधिक लाभप्रद मात्रा: 1 से 2 चम्मच सुबह-शाम 

(1)Product Name :- Achyutaya Liver Tonic Syrup
(2)Quantity :- 100 ml.
(3)Direction For Use :- 1 to 2 t.s.f. once or twice a day ( Dose depends upon age, weight & illness of the individuals). OR as directed by physician.
(4)Benefits :-  For all types of liver disease, anaemia, jaundice, blood impurities, weakness, constipation & gas trouble.

(5)Main Ingredients :- Aloe Barbedensis(gwarpatha), picrorrhiza kurro(kutki), Tinospora cordifolia(Giloy) etc







 

Friday, 1 March 2013

अच्युताय लिवर टोनिक टेबलेट(Achyutaya Liver tonic tablet)




अच्युताय लिवर टोनिक टेबलेट(Achyutaya Liver tonic tablet)



 सभी प्रकार के यकृत विकार ,खून की कमी ,पीलीया, रक्त विकार ,गैस ,कमजोरी ,अरुचि ,भूख न लगना,पेट दर्द  तथा गैस में अत्यधिक लाभप्रद .

(1)Product Name :- Achyutaya Liver Tonic Tablet
(2)Quantity :- 40 g.
(3)Direction For Use :- 1 to 2 tab. once or twice a day ( Dose depends upon age, weight & illness of the individuals). OR as directed by physician.
(4)Benefits :-  For all types of liver diseases, anaemia, jaundice, blood impurities, weakness, constipation & gas trouble etc.
(5)Main Ingredients :- Aloe Barbedensis(gwarpatha), picrorrhiza kurro(kutki), Tinospora cordifolia(Giloy) etc.






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