प्राकृतिक चिकित्सा

प्रत्येक मनुष्य के जीवन में इन तीन बातों की अत्यधिक आवश्यकता होती है – स्वस्थ जीवन, सुखी जीवन तथा सम्मानित जीवन। सुख का आधार स्वास्थ्य है तथा सुखी जीवन ही सम्मान के योग्य है।

आयुर्वेद का अनुपम उपहार

अच्युताय हरिओम उत्पाद

स्वास्थ्य का सच्चा मार्ग

स्वास्थ्य का मूल आधार संयम है।

सर्दियों के लिए विशेष

अच्युताय हरिओम उत्पाद

Achyutaya HariOm Panchamrit Ras :अच्युताय हरिओम पंचामृत रस : स्वास्थय व ऊर्जा प्रदायक, पाचक, व रोगनाशक अदभुत योग

Achyutaya HariOm Santkripa Surma : अच्युताय हरिओम संतकृपा सुरमा - आँखों को सुरक्षित, निरोगी, तेजस्वी बनाने की क्षमता रखने वाला अदभुत योग

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Thursday, 25 July 2013

दिमाग एकदम तेज चलने लगेगा

दिमाग एकदम तेज चलने लगेगा


1.बादाम 5 नग रात को पानी में गलाएं। सुबह छिलके उतारकर बारीक पीस कर पेस्ट बना लें। अब एक गिलास दूध और उसमें बादाम का पेस्ट घोलें। इसमें 2 चम्मच शहद भी डालें और ग्रहण करें। यह मिश्रण पीने के बाद दो घंटे तक कुछ न लें।

2. अखरोट भी स्मरण शक्ति बढाने में सहायक है। इसका नियमित उपयोग हितकर है। 20 ग्राम अखरोट और साथ में 10 ग्राम किशमिश लेना चाहिए।

3.ब्राह्मी दिमागी शक्ति बढ़ाने की मशहूर जड़ी-बूटी है। इसका एक चम्मच रस रोज पीना लाभदायक होता है। इसके 7 पत्ते चबाकर खाने से भी वही लाभ मिलता है। ब्राह्मी मे एन्टी ऑक्सीडेंट तत्व होते हैं जिससे दिमाग की शक्ति बढऩे लगती है।

4.दालचीनी के 10 ग्राम पाउडर को शहद में मिलाकर चाट लें। कमजोर दिमाग की अच्छी दवा है।अदरक ,जीरा और मिश्री तीनों को पीसकर लेने से कमजोर याददाश्त की स्थिति में लाभ होता है।

सावधानी :-


अधिक गर्म पानी, अधिक गर्म दूध, अधिक धूप में बच्चों को शहद का प्रयोग हानिकारक साबित होता है। साथ ही घी की समान मात्रा प्रयोग करने पर यह विष की भाँति कार्य करने लगता है। इसलिए इन स्थितियों में इसका प्रयोग सावधानीपूर्वक किया जाना चाहिए।


Friday, 31 May 2013

अच्युताय सुवर्णप्राश टेबलेट (Achyutaya Suvarna Prash Tablet)


अच्युताय सुवर्णप्राश टेबलेट (Achyutaya Suvarna Prash Tablet)


सुवर्ण भस्म से पुष्य नक्षत्र में बनाई यह पुण्यदायी गोली आयु,शक्ति,मेधा,बुद्धि,कांति व जठराग्निवर्धक तथा ग्रहबाधा निवारक, उत्तम गर्भपोषक है ।गर्भवती स्त्री इसका सेवन करके निरोगी,तेजस्वी ,मेधावी संतती को जन्म दे सकती है ।

Suvarna Prash Tablet:
Benefits :- This Suvarnaprash(complete brain tonic) is enriched with pure gold & keshar is best tonic for the intellectual, mental & physical growth of body.
When use daily from the frist day of life to 2 yr. of age child becomes shrutidhar(highest grasping power), healthy and becomes immune to commen childhood illnesses.
Also after 2 yr. of age improves all three aspect of memory(grasping, storage & recollection), physical strength, glow, immunity power in children & in other age groups. Prevent age related degenerative CNS disorders viz. alzheimer’s disease, parkinsonism etc.
When use by pregnant lady specifically from 3rd to 9th month helps in development of brain & other part of body, prevents congenital malformation in fetus and also maintain health of mother. She will have a medhavi, Tejasvi & healthy baby.

Direction For Use :-
  • 1st day of life to 15 days – 1/8 tab. once a day.
  • 15 days to 3 month – ¼ tab. once a day.
  • 3 month to 6 month - ½ tab. once a day.
  • 6 month to 2 yr. - 1 tab. once a day.
  • 2 yr. to 5 yr. - 1 tab. twice a day.
  • ≥ 5 yr. - 2 tab. twice a day.
With cow’s milk / ghee on empty stomach OR as directed by physician.

Main Ingredients :- Suvarna Bhasma, Saffron(keshar), Suvarna makshika Bhasma, Acorus Calamus(Vacha) & other medicine that act as a brain tonic.




अच्युताय तुलसी गोली (Achyutaya Tulsi Tablet)


अच्युताय तुलसी गोली (Achyutaya Tulsi Tablet)


Benefits :- विद्यार्थी की यादशक्ति तो बढ़ेगी , साथ ही साथ वह वीर्यवान, तेजवान एवं बुद्धिमान बनेगा । डरपोक में भी बल आ जाएगा । इसके प्रयोग से कई बीमारियाँ भाग जाती हैं , जैसे पानी पड़ना, स्वप्नदोष, कमजोरी, चमड़ी के रोग, पेट की खराबियाँ । गैस, एसिडिटी , घुटनों का दर्द , ट्यूमर, कैंसर आदि में इससे बहुत फायदा होता है । तुलसी में ८०० बिमारियों को दूर करने की शक्ति हैं, उसके बिज तो और भी शक्तिशाली होतें हैं


Wednesday, 29 May 2013

अच्युताय स्मृतिवर्धक चूर्ण (Achyutaya Smurti Vardhak Churna)



अच्युताय स्मृतिवर्धक चूर्ण (Achyutaya smurti vardhak churna)


लाभ : स्मरणशक्ति तथा धारणाशक्ति का अत्यधिक विकास होता है।अपस्मार (मिर्गी),निद्राल्पता,चिडचिडापन,उच्च रक्तचाप,चक्कर आना ,मानसिक तनाव एवं थकावट में लाभकारी ।


Friday, 8 March 2013

अच्युताय सौभाग्य-शुंठी पाक(Achyutaya Saubhagya Sunthi Pak)




अच्युताय सौभाग्य-शुंठी पाक(Achyutaya Saubhagya Sunthi Pak)


(बुद्धि,तेज,वीर्य, को बढाकर नवचेतनाप्रदायनी औषधि)
  
               दैवी-गुणों से संपन्न 

    यह 80 प्रकार के वातरोग, 40 प्रकार के पित्तरोग तथ 20 प्रकार के कफ रोगों को नष्ट करता है
इस पाक की महिमा का वर्णन भगवान महादेवजी ने पार्वतीजी के समक्ष किया था नारदजी ने इसे ब्रम्हाजी के श्रीमुख से सुना व अश्विनीकुमारों ने इस पाक का निर्माण किया था इसके सेवन से बल,बुद्धि,स्मृति,उत्तम वाणी,सौंन्दर्य,सुकुमारता तथा सौभाग्य की प्राप्ति होती है माताओं के लिए यह खास वरदानस्वरूप है प्रसूति के बाद सेवन से दूध खुलकर आता है तथा संभावित कई व्याधियों से रक्षा होती है सर्दियों में इस दैवी पाक का विधिवत सेवन कर सभी निरोगता व दिर्घ्यायुष्य की प्राप्ति कर सकते है
सेवन-विधि : सुबह १० ग्राम पाक दूध के साथ ले उसके चार से छः घंटे बाद भोजन में
तीखे,खट्टे,तले हुए तथा पचने में भरी पदार्थ न लें शाम को पुनः१० ग्राम पाक दूध के साथ लें  

(1)        Product Name :- Achyutaya Saubhagya Sunthi Pak
(2)        Quantity :- 450 g.

(3)        Direction For Use :- Dose depends on digestive capacity. In general 10gm pak with fresh milk in morning on empty stomach. Also can be taken 10g. pak in evening with fresh milk. Lunch or Dinner should be taken after 4 to 6 hrs. OR as directed by physician.
(4)        Benefits :- Lord shiva and Lord brahma enumerated the benefits of this pak infront of parvatidevi and rushi Narad respectively.
                 It inceases strength, glow, memory, beauty and fortune.
                 It is specially useful after delivery  increasing lactation and for avoiding puerpural disorders.
                 It cures 80 types of vataj disorders, 40 types of pittaj disorders and 20 types of kaphaj disorders.
                 Thereby Useful in T.B., anaemia, cough, dyspnoea, weak digestive power, sprue, molar pregnancy (Raktagulma), leucorrhoea, menorrhagia, somrog, loss of milk secretion, dysuria, jaundice, neck rigidity and all pittaj, vatpittaj and puerpural women’s vata disorders etc
(5)Main Ingredients :- Saffaron(Keshar), Shilajit, Loha bhasma, Zinziber officinale(sunthi), cow’s ghee, cow’s milk, Bacopa monieri(brahmi),Asparagus racemosus(shatavari) etc. 







Friday, 1 March 2013

अच्युताय ओजस्वी पेय (Achyutaya Ojasvi Peya)




अच्युताय ओजस्वी पेय (Achyutaya Ojasvi Peya)

बल, बुद्धि एवं पाचन वर्धक


पाचनशक्तिवर्धक, कफ व पित्त शामक,स्मृतिवर्धक,कंठ एवं रक्तशुद्धिकर तथा हृदयरोग बहुमूत्रता में विशेष लाभदायक है ।



चाय-कॉफी के स्थान पर.....ओजस्वी चाय






जब भी चाय-कॉफी पीने की इच्छा हो तब उसके स्थान पर निम्नलिखित प्रयोग करके उसका सेवन करने से अत्यधिक लाभ होगा एवं सर्दी, जुकाम, खाँसी, श्वास, कफजनित बुखार, निमोनिया आदि रोग कभी नहीं होंगे।



बनपशा, छाया में सुखाये हुए तुलसी के पत्ते, दालचीनी, छोटी इलायची, सौंफ, ब्राह्मी के सूखे पत्ते, छिली हुई यष्ठिमधु प्रत्येक वस्तु एक-एक तोला (लगभग 12-12 ग्राम)।



इन सबको अलग-अलग पीसकर मिश्रण बनाकर रखें। जब चाय पीने की इच्छा हो तब आधा तोला ( लगभग 6 ग्राम) चूर्ण को एक रतल (450 ग्राम) पानी में उबालें। आधा पानी शेष रहे तब छानकर उसमें दूध, मिश्री मिलाकर पियें। इससे मस्तिष्क में शक्ति, शरीर में स्फूर्ति और भूख बढ़ती है।



पाचनशक्ति व बुद्धि वर्धक, हृदय के लिए हितकारी

ओजस्वी चाय



14 बहूमूल्य औषधियों के संयोग से बनी यह ओजस्वी चाय क्षुधावर्धक, मेध्य व हृदय के लिए बलदायक है। यह मनोबल को बढ़ाती है। मस्तिष्क को तनावमुक्त करती है, जिससे नींद अच्छी आती है। यह यकृत के कार्य को सुधारकर रक्त की शुद्धि करती है।



इसमें निहित घटक द्रव्य व उनके लाभः

सोंठः कफनाशक, आमपाचक, जठराग्निवर्धक। ब्राह्मीः स्मृति, मेधाशक्ति व मनोबल वर्धक। अर्जुनः हृदयबल वर्धक, रक्त शुद्धिकर, अस्थि-पुष्टिकर। दालचीनीः जंतुनाशक, हृदय व यकृत उत्तेजक, ओजवर्धक। तेजपत्रः सुगंध व स्वाद दायक, दीपन, पाचक। शंखपुष्पीः मेध्य, तनावमुक्त करने वाली, निद्राजनक। काली मिर्चः जठराग्निवर्धक, कफघ्न, कृमिनाशक। रक्तचंदनः दाहशामक, नेत्रों के लिए हितकर। नागरमोथः दाहशामक, पित्तशामक, कृमिघ्न, पाचक। इलायचीः त्रिदोषशामक, मुखदुर्गधिहर, हृदय के लिए हितकर। कुलंजनः पाचक, कंठशुद्धिकर, बहूमूत्र में उपयुक्त। जायफलः स्वर व वर्ण सुधारनेवाला, रुचिकर, वृष्य। मुलैठी(यष्टिमधु)- कंठ शुद्धिकर, कफघ्न, स्वरसुधारक। सौंफः उत्तम पाचक, रुचिकर, नेत्रज्योतिवर्धक।

एक-आधा घंटा पहले अथवा रात को पानी में भिगोकर रखी हुई ओजस्वी चाय सुबह उबालें तो उसका और अधिक गुण आयेगा।

(यह ओजस्वी चाय सभी संत श्री आसारामजी आश्रमों व श्री योग वेदान्त समिति के सेवा केन्द्रों पर उपलब्ध है।)


(1)Product Name :- Achyutaya  Ojasvi Chay 
(2)Quantity :- 200 g.
 (3)Direction For Use :- Add 5 g. of powder in 150 ml. of water. Boil still it reduces to half . Then add equal quantity of milk & sugar as per requirement preferably.
(4)Benefits :- Daily use improve digestive power, memory, heart function, purifies blood, remove unwanted respiratory secretions, normalizes blood cholesterol & blood pressure.
               By these action useful in poor apetite, constipation, lack of concentration, poor memory, excess sleep, headache, migraine, running nose, cough, bronchitis, asthma, heart diseases, blood impurities & related skin diseases etc.


(5) Main Ingredients :-  Cinnamomum cassia(tejpatta), zingiber officinale(sunthi), convolvulus pluricaulis(shankhpushpi),  Bacopa monieri(brahmi) etc.







अच्युताय शंखपुष्पी सिरप (Achyutaya Shankh Pushpi Syrup)





अच्युताय शंखपुष्पी सिरप (Achyutaya Shankh Pushpi Syrup)   


(1)Product Name :- Achyutaya  Shankh-Pushpi Syrup
(2)Quantity :- 200 ml.
(3)Direction For Use :- 1 to 2 t.s.f. once or twice a day ( Dose depends upon age, weight & illness of the individuals). OR as directed by physician.
(4)Benefits :-  Increases grasping, storage & recollection power all the three aspect of memory. It increases mental strength to work more efficiently for longer time i.e. prevents early mental fatigue. It given nutrition to the neurons and removes waste products thereby prevents & delays age related degeneration.
              Useful in mild mental retardation, cerebral palsy, attention deficit hyperactivity disorders, lack of concentration, insomnia and neurotic disorders, epilepsy & psychosis etc.

(5)Main Ingredients :- convolvulus pluricaulis(shankhpushpi), Nardostachys jatamansi(vacha), Bacopa monieri(brahmi) & other medicine that act as a brain tonic.






 

अच्युताय आँवला-भृंगराज केश तेल(Achyutaya Amla Bhringraj Kesh Tel)





अच्युताय आँवला-भृंगराज केश तेल(Achyutaya Amla Bhringraj Kesh Tel)



 सर पर लगाने से बाल बढते है ।सर का दर्द ,बाल सफेद होना गिरना जैसे रोग अच्छे होते है।मस्तिष्क की कमजोरी नस्ट होकर स्मरण शक्ति बढती है ।सिर में रुसी नहीं होती है ।

Benefits :- It gives nourishment to hair root makes hair thick & shiny. Prevents premature graying of hair, decrease hair fall to nomal, controls dandruff. Also helpful in headache & mental weakness.
Direction For Use :- Gently apply at the hair root over the scalp twice a day. OR as directed by physician.
Main Ingredients :- Sesame oil (Til Tel), Phyllanthus emblica (Amla), Eclipta alba (Bhringraj).








Sunday, 17 February 2013

स्मरणशक्ति कैसे बढ़ायें?( How to increase memory?)


स्मरणशक्ति कैसे बढ़ायें?( How to increase memory?)

अच्छी और तीव्र स्मरण शक्ति के लिए हमें मानसिक और शारीरिक रूप से स्वस्थ, सबल और निरोग रहना होगा। मानसिक और शारीरिक रूप से स्वस्थ और सशक्त हुए बिना हम अपनी स्मृति को भी अच्छी और तीव्र नहीं बनाये रख सकते।

आप यह बात ठीक से याद रखें कि हमारी यादशक्ति हमारे ध्यान पर और मन की एकाग्रता पर निर्भर करती है। हम जिस तरफ जितना ज्यादा एकाग्रतापूर्वक ध्यान देंगे, उस तरफ हमारी विचारशक्ति उतनी ज्यादा केन्द्रित हो जायेगी। जिस कार्य में भी जितनी अधिक तीव्रता, स्थिरता और शक्ति लगायी जायेगी, उतनी गहराई और मजबूती से वह कार्य हमारे स्मृति पटल पर अंकित हो जायेगा।

स्मृति को बनाये रखना ही स्मरणशक्ति है और इसके लिए जरूरी है सुने हुए व पढ़े हुए विषयों का बार-बार मानना करना, अभ्यास करना। जो बातें हमारे ध्यान में बराबर आती रहती हैं, उनकी याद बनी रहती है और जो बातें लम्बे समय तक हमारे ध्यान में नहीं आतीं, उन्हें हम भूल जाते हैं। विद्यार्थियों को चाहिए कि वे अपने अभ्यासक्रम (कोर्स) की किताबों को पूरे मनोयोग से एकाग्रचित्त होकर पढ़ा करें और बारंबार नियमित रूप से दोहराते भी रहें। फालतू सोच विचार करने से, चिंता करने से, ज्यादा बोलने से, फालतू बातें करने से, झूठ बोलने से या बहाने बाजी करने से तथा कार्य के कार्यों में उलझे रहने से स्मरणशक्ति नष्ट होती है।

बुद्धि कहीं बाजार में मिलने वाली चीज नही है, बल्कि अभ्यास से प्राप्त करने की और बढ़ायी जाने वाली चीज है। इसलिए आपको भरपूर अभ्यास करके बुद्धि और ज्ञान बढ़ाने में जुटे रहना होगा।

विद्या, बुद्धि और ज्ञान को जितना खर्च किया जाय उतना ही ये बढ़ते जाते हैं जबकि धन या अन्य पदार्थ खर्च करने पर घटते हैं। विद्या की प्राप्ति और बुद्धि के विकास के लिए आप जितना  प्रयत्न करेंगे, अभ्यास करेंगे, उतना ही आपका ज्ञान और बौद्धिक बल बढ़ता जायगा।
सतत अभ्यास और परिश्रम करने के लिए यह भी जरूरी है कि आपका दिमाग और शरीर स्वस्थ व ताकतवर बना रहे। यदि अल्प श्रम में ही आप थक जायेंगे तो पढ़ाई-लिखाई में ज्यादा समय तक मन नहीं लगेगा। इसलिए निम्न प्रयोग करें।

आवश्यक सामग्रीः शंखावली (शंखपुष्पी) का पंचांग कूट-पीसकर, छानकर, महीन, चूर्ण करके शीशी में भर लें। बादाम की 2 गिरी और तरबूज, खरबूजा, पतली ककड़ी और मोटी खीरा ककड़ी इन चारों के बीज 5-5 ग्राम, 2 पिस्ता, 1 छुहारा, 4 इलायची (छोटी), 5 ग्राम सौंफ, 1 चम्मच मक्खन और एक गिलास दूध लें।

विधिः रात में बादाम, पिस्ता, छुहारा और चारों मगज 1 कप पानी में डालकर रख दें। प्रातःकाल बादाम का छिलका हटाकर उन्हें दो बार बूँद पानी के साथ पत्थर पर घिस लें और उस लेप को कटोरी में ले लें। फिर पिस्ता, इलायची के दाने व छुहारे को बारीक काट-पीसकर उसमें मिला लें। चारों मगज भी उसमें ऐसे ही डाल लें। अब इन सबको अच्छी तरह मिलाकर खूब चबा-चबाकर खा जायें। उसके बाद 3 ग्राम शंखावली का महीन चूर्ण मक्खन में मिलाकर चाट लें और एक गिलास गुनगुना मीठा दूध 1-1 घूँट करके पी लें। अंत में, थोड़े सौंफ मुँह में डालकर धीरे-धीरे 15-20 मिनट तक चबाते रहें और उनका रस चूसते रहें। चूसने के बाद उन्हें निगल जायें।

लाभः यह प्रयोग दिमागी ताकत, तरावट और स्मरणशक्ति बढ़ाने के लिए बेजोड़ है। साथ ही साथ यह शरीर में शक्ति व स्फूर्ति पैदा करता है। लगातार 40 दिन तक प्रतिदिन सुबह नित्य कर्मों से निवृत्त होकर खाली पेट इसका सेवन करके आप चमत्कारिक लाभ देख सकते हैं।
यह प्रयोग करने के दो घंटे बाद भोजन करें। उपरोक्त सभी द्रव्य पंसारी या कच्ची दवा बेचने वाले की दुकान से इकट्ठे ले आयें और 15-20 मिनट का समय देकर प्रतिदिन तैयार करें। इस प्रयोग को आप 40 दिन से भी ज्यादा, जब तक चाहें कर सकते हैं।

एक अन्य प्रयोगः एक गाजर और लगभग 50-60 ग्राम पत्ता गोभी अर्थात् 10-12 पत्ते काटकर प्लेट में रख लें। इस पर हरा धनिया काटकर डाल दें। फिर उसमें सेंधा नमक, काली मिर्च का चूर्ण और नींबू का रस मिलाकर खूब चबा चबाकर नाश्ते के रूप में खाया करें।
भोजन के साथ एक गिलास छाछ भी पिया करें।

सावधानियाँ
रात को 9 बजे के बाद पढ़ने के लिए जागरण करें तो आधे-आधे घंटे के अंतर पर आधा गिलास ठंडा पानी पीते रहें। इससे जागरण के कारण होने वाला वातप्रकोप नहीं होगा। वैसे 11 बजे से पहले सो जाना ही उचित है।
लेटकर या झुके हुए बैठकर न पढ़ा करें। रीढ़ की हड्डी सीधी रखकर बैठें। इससे आलस्य या निद्रा का असन नहीं होगा और स्फूर्ति बनी रहेगी। सुस्ती महसूस हो तो थोड़ी चहलकदमी करें। नींद भगाने के लिए चाय या सिगरेट का सेवन कदापि न करें।




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