प्राकृतिक चिकित्सा

प्रत्येक मनुष्य के जीवन में इन तीन बातों की अत्यधिक आवश्यकता होती है – स्वस्थ जीवन, सुखी जीवन तथा सम्मानित जीवन। सुख का आधार स्वास्थ्य है तथा सुखी जीवन ही सम्मान के योग्य है।

आयुर्वेद का अनुपम उपहार

अच्युताय हरिओम उत्पाद

स्वास्थ्य का सच्चा मार्ग

स्वास्थ्य का मूल आधार संयम है।

सर्दियों के लिए विशेष

अच्युताय हरिओम उत्पाद

Achyutaya HariOm Panchamrit Ras :अच्युताय हरिओम पंचामृत रस : स्वास्थय व ऊर्जा प्रदायक, पाचक, व रोगनाशक अदभुत योग

Achyutaya HariOm Santkripa Surma : अच्युताय हरिओम संतकृपा सुरमा - आँखों को सुरक्षित, निरोगी, तेजस्वी बनाने की क्षमता रखने वाला अदभुत योग

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Wednesday, 14 August 2013

जोड़ों में कैसा भी दर्द हो ये नुस्खे अचूक हैं

जोड़ों में कैसा भी दर्द हो ये नुस्खे अचूक हैं

अप्राकृतिक जीवनशैली ने शरीर की दंतुरुस्ती को बुरी तरह से प्रभावित किया है। प्रगति और विकास के नाम पर इंसान ने भले ही सुख-सुविधा के ढेरों-ढेर साधन जुटा लिये हों लेकिन इस पाने के एवज में जो खोया है वह उससे भी ज्यादा कीमती था। चारों तरफ तेजी से फेलते प्रदूषण और नैतिक ह्रास से आधुनिक इंसान शारीरिक और मानसिक दोनों ही स्तरों पर कमजोर और खोखला होता जा रहा है।

हर दिन सैकड़ों नई बीमारियां पैदा हो रही हैं। चिकित्सा विज्ञान जब तक एक रोग का इलाज खोज पाता है, तब तक चार नए रोग सीना तान कर खड़े हो जाते हैं। जोड़ों का दर्द हो भी गलत खान-पान और प्रदूषण के दुष्प्रभाव का ही एक नतीजा है। असल में हमार शरीर इस प्रकृति का ही एक हिस्सा है। इसलिये शरीर से जुड़ी समस्याओं का समाधान भी हमें प्रकृति की गोद में ही मिल सकता है। आइये देखते हैं जोड़ों के दर्द का क्या है उत्तम समाधान....

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दो तीन दिन के अंतर से खाली पेट अरण्डी का 2 से 20 मि.ली. तेल पियें। इस दौरान चाय-कॉफी न लें। साथ में दर्दवाले स्थान पर अरण्डी का तेल लगाकर, उबाले हुए बेल के पत्तों को गर्म-गर्म बाँधने से वात-दर्द में लाभ होता है।

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निर्गुण्डी के पत्तों का 10 से 40 मि.ली. रस लेने से अथवा सेंकी हुई मेथी का कपड़छन चूर्ण तीन ग्राम, सुबह-शाम पानी के साथ लेने से वात रोग में लाभ होता है। यह मेथीवाला प्रयोग घुटने के वातरोग में भी लाभदायक है। साथ में वज्रासन करें।
- अच्युतायसंधिशूलहर योग चूर्ण से जोड़ो व कमर का दर्द ठीक होता है ।हड्डियाँ व नसे मजबूत बनती है । गठिया,मधुमेह,सायटिका व मोटापे आदि में लाभदायी ।

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लहसुन की 10 कलियों को 100 ग्राम पानी एवं 100 ग्राम दूध में मिलाकर पकायें। पानी जल जाने पर लहसुन खाकर दूध पीने से दर्द में लाभ होता है।
- 250 मि.ली. दूध एवं उतने ही पानी में दो लहसुन की कलियाँ, 1-1 चम्मच सोंठ और हरड़ तथा 1-1 दालचीनी और छोटी इलायची डालकर पकायें। पानी जल जाने पर वही दूध पीयें।
- सिंहनाद गुगल की 2-2 गोली सुबह, दोपहर व शाम पानी के साथ लें।
'चित्रकादिवटी' की 2-2 गोली सुबह-शाम अदरक के साथ 20 मि.ली. रस व 1 चम्मच घी के साथ लें।


विशेष:

अपनी क्षमता के अनुसार सुबह के समय आसन विशेषकर सूर्य नमस्कार और प्राणायाम करने से जोड़ों के दर्द से स्थाई रूप से छुटकारा पाया जा सकता है।

Wednesday, 10 July 2013

घरेलू नुसखों से दूर करें दर्द -




घरेलू नुसखों से दूर करें दर्द -


जिस तरह का जीवन हम जी रहे हैं, उसमें सिरदर्द होना एक आम बात है। लेकिन यह दर्द हमारी दिनचर्या में शामिल हो जाए तो हमारे लिए बहुत कष्टदायी हो जाता है। दर्द से छुटकारा पाने के लिए हम पेन किलर घरेलू उपाय अपनाकर इसे दूर कर सकते हैं। इन घरेलू उपायों के कोई साईड इफेक्ट भी नहीं होते। 

1.
अदरक: अदरक एक दर्द निवारक दवा के रूप में भी काम करती है। यदि सिरदर्द हो रहा हो तो सूखी अदरक को पानी के साथ पीसकर उसका पेस्ट बना लें और इसे अपने माथे पर लगाएं। इसे लगाने पर हल्की जलन जरूर होगी लेकीन यह सिरदर्द दूर करने में मददगार होती है। 

2.
सोडा: पेट में दर्द होने पर कप पानी में एक चुटकी खाने वाला सोडा डालकर पीने से पेट दर्द में राहत मिलती है। सि्त्रयो के मासिक धर्म के समय पेट के नीचे होने वाले दर्द को दूर करने मे खाने वाला सोडा पानी में मिलाकर पीने से दर्द दूर होता है। एसिडिटी होने पर एक चुटकी सोडा, आधा चम्मच भुना और पिसा हुआ जीरा, 8 बूंदे नींबू का रस और स्वादानुसार नमक पानी में मिलाकर पीने से एसिडिटी में राहत मिलती है। 

3.
अजवायन: सिरदर्द होने पर एक चम्मच अजवायन को भूनकर साफ सूती कपडे में बांधकर नाक के पास लगाकर गहरी सांस लेने से सिरदर्द में राहत मिलती है। ये प्रक्रिया तब तक दोहराएं जब तक आपका सिरदर्द ठीक नहीं हो जाता। पेट दर्द को दूर करने में भी अजवायन सहायक होती है। पेट दर्द होने पर आधा चम्मच अजवायन को पानी के साथ फांखने से पेट दर्द में राहत मिलती है।

4.
बर्फ : सिरदर्द में बर्फ की सिंकाई करना बहुत फायदेमंद होता है। इसके अलावा स्पॉन्डिलाइटिस में भी बर्फ की सिंकाई लाभदायक होती है। गर्दन में दर्द होने पर भी बर्फ की सिंकाई लाभदायक होती है।

5.
हल्दी: हल्दी कीटाणुनाशक होती है। इसमें एंटीसेप्टिक, एंटीबायोटिक और दर्द निवारक तत्व पाए गए हैं। ये तत्व चोट के दर्द और सूजन को कम करने में सहायक होते हैं। घाव पर हल्दी का लेप लगाने से वह ठीक हो जाता है। चोट लगने पर दूध में हल्दी डालकर पीने से दर्द में राहत मिलती है। एक चम्मच हल्दी में आधा चम्मच काला गर्म पानी के साथ फांखने से पेट दर्द व गैस में राहत मिलती है। 

6.
तुलसी के पत्ते: तुलसी में बहुत सारे औषधीय तत्व पाए जाते हैं। तुलसी की पत्तियों को पीसकर चंदन पाउडर में मिलाकर पेस्ट बना लें। दर्द होने पर प्रभावित जगह पर उस लेप को लगाने से दर्द में राहत मिलेगी। एक चम्मच तुलसी के पत्तों का रस शहद में मिलाकर हल्का गुनगुना करके खाने से गले की खराश और दर्द दूर हो जाता है। खांसी में भी तुलसी का रस काफी फायदेमंद होता है।

7.
मेथी: एक चम्मच मेथी दाना में चुटकी भर पिसी हुई हींग मिलाकर पानी के साथ फांखने से पेटदर्द में आराम मिलता है। मेथी डायबिटीज में भी लाभदायक होती है। मेथी के लड्डू खाने से जोडों के दर्द में लाभ मिलता है।

8.
हींग: हींग दर्द निवारक और पित्तवर्द्धक होती है। छाती और पेटदर्द में हींग का सेवन लाभकारी होता है। छोटे बच्चों के पेट में दर्द होने पर हींग को पानी में घोलकर पकाने और उसे बच्चो की नाभि के चारो ओर उसका लेप करने से दर्द में राहत मिलती है। 

9.
सेब: सुबह खाली पेट प्रतिदिन एक सेब खाने से सिरदर्द की समस्या से छुटकारा मिलता है। चिकित्सकों का मानना है कि सेब का नियमित सेवन करने से रोग नहीं घेरते।

10.
करेला: करेले का रस पीने से पित्त में लाभ होता है। जोडों के दर्द में करेले का रस लगाने से काफी राहत मिलती है।

Monday, 27 May 2013

अच्युताय संधिशूलहर योग चूर्ण(Achyutaya Sandhishulhar Churna)


अच्युताय संधिशूलहर योग चूर्ण(Achyutaya Sandhishulhar Churna)

जोडो के दर्द की दवा


इससे जोड़ो व कमर का दर्द ठीक होता है ।हड्डियाँ व नसे मजबूत बनती है । गठिया,मधुमेह,सायटिका व मोटापे आदि में लाभदायी ।




Friday, 15 March 2013

अच्युताय हरड-रसायन गोली(Achyutaya Harad Rasayan Tablet)




अच्युताय हरड-रसायन गोली(Achyutaya  Harad Rasayan Tablet)


उपयोग : हरड व गुड के सम्मिश्रण से बना
यह योग त्रिदोषशामक व शरीर को शुद्ध करने
वाला उत्तम रसायन योग है। इसको चूसकर
सेवन करने से भूख खुलती है अजीर्ण, अम्लपित्त,
संग्रहणी,उदरशूल,अफरा,कब्ज, आदि पेट के
विकार दूर होते है। छाती व पेट में संचित कफ
को यह नष्ट करता है ।अतः श्वास, खाँसी व गले
के विविध रोगों में भी लाभदायी है ।इसके नियमित
सेवन से बवासीर,आमवात,वातरक्त,(Gout),
कमरदर्द,जीर्णज्वर,किडनी के रोग, पांडूरोग व
यकृत-विकारो में लाभ होता है यह ह्रदय के
लिए बलदायक व श्रमहर है ।
मात्रा : 2-2 गोलीयाँ दिन में दो
से तिन बार चूसकर अथवा पानी
के साथ ले  । 

 (1)Product Name :- Achyutaya Harad Rasayan Tablet
(2)Quantity :- 85 g.
(3)Direction for use :- 2 to 3 tab. twice a day ( Dose depends upon age, weight & illness of the individuals).  OR as directed by physician.
        Note :- Do not take milk 2 hr. before & 2 hr. after medicine.
(4)Benefits :- Harad with jaggary function as a rasayan i.e. delays aging & improve immunity power. It balances all the three doshas.
            By regular use it maintain proper digestion, absorption, and metabolism of food, removes waste product from each and every cell of body i.e. functioninig like a homeostatic agent.
            Useful in malabsorption syndroms, dysentery, tympanitis, gas trouble, constipation, piles, indigestion, long standing low grade fever, skin disease etc.
(5)Main ingredients:- Terminalia  chebula (Harad)














Wednesday, 6 March 2013

अच्युताय रामबाण बूटी (Achyutaya Ramban Buty)




अच्युताय रामबाण बूटी (Achyutaya Ramban Buty)


सभी प्रकार के वातविकार ,संधिशुल ,आफरा,अजीर्ण ,कब्जियात,आमवात ,संधिवात एवं सर्वांग शूल में फायदेमंद ।

(1)Product Name :- Ramban Buty
(2)Quantity :- 30 g.
(3)Direction For Use :- 1 o 1.5 g. Buty in  morning empty stomach with 100 ml lukewarm water ( Dose depends upon age, weight & illness of the individuals) OR as directed by physician.
         Note :- Do not take milk 2 hr. before & 2 hr. after medicine.
(4)Benefits :- Ramban Buty increases digestive power & regulates peristaltic activity of git therefore useful in indigestion, gas trouble, constipation, sprue (sticky motion), worms etc.
              It digest ama(toxic products) therefore useful in rheumatoid arthritis, seronegative arthropathy, psoriatic arthropathy, ankylosing spondylitis, arthralgia seen in viral fever eg. Chikungunya.

(5)Main Ingredients :- Ferula Narthex(hing), Plumbago zeylanica(chitrak), Zinziber officinale(sunthi) etc. 














Tuesday, 5 March 2013

अच्युताय स्पेशल मालिश तेल (Achyutaya Special Malish Tel)



अच्युताय स्पेशल मालिश तेल (Achyutaya Special Malish Tel)



जोड़ों के दर्द के लिए उत्तम तेल ।
अंदरुनी चोट ,मुढमार,पैर मे  मोच आना आदि में हल्के हाथ से मालिश करके गरम कपडे से सेंकने पर शीघ्र लाभ होता है।


(1)      Product Name :- Achyutaya Sp. Malish Tel
(2)        Quantity :- 200 ml. / 100 ml.

(3)        Direction For Use :- Gently massage with lukewarm oil over the affected part followed by sudation using warm cloth/hot water bag. OR as directed by physician.
(4)        Benefits :- Useful in traumatic mascular  & joints pain, contusion, muscle spasm etc.
(5)        Main Ingredients :-  (1) Brassica Campestris (Sarson tel)                                                                                          (2) Sulphur (Gandhak )
                                          (3) Eucalyptus Globulus (Nilgiri Tel)                                    (4) Cinnamomum Camphora

(Kapoor )                 











         

Monday, 18 February 2013

शारीरिक वेदना मिटाने हेतु यह उपाय करे


शारीरिक वेदना मिटाने हेतु यह उपाय करे

पहला प्रयोगः हाथ-पैर की पीड़ा में महानारायण तेल की मालिश करने से लाभ होता है।

दूसरा प्रयोगः शरीर की पसलियों, फेफड़ों, हृदय में पीड़ा हो या मार पड़ी हो तो पंचगुण तेल की मालिश करें।

तीसरा प्रयोगः धतूरे के 5 फूल को तिल के 100 ग्राम तेल में गर्म करके, तेल को छानकर उस तेल को लगाने से शरीर के किसी भी भाग की वेदना मिटती है।





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