प्राकृतिक चिकित्सा

प्रत्येक मनुष्य के जीवन में इन तीन बातों की अत्यधिक आवश्यकता होती है – स्वस्थ जीवन, सुखी जीवन तथा सम्मानित जीवन। सुख का आधार स्वास्थ्य है तथा सुखी जीवन ही सम्मान के योग्य है।

आयुर्वेद का अनुपम उपहार

अच्युताय हरिओम उत्पाद

स्वास्थ्य का सच्चा मार्ग

स्वास्थ्य का मूल आधार संयम है।

सर्दियों के लिए विशेष

अच्युताय हरिओम उत्पाद

Achyutaya HariOm Panchamrit Ras :अच्युताय हरिओम पंचामृत रस : स्वास्थय व ऊर्जा प्रदायक, पाचक, व रोगनाशक अदभुत योग

Achyutaya HariOm Santkripa Surma : अच्युताय हरिओम संतकृपा सुरमा - आँखों को सुरक्षित, निरोगी, तेजस्वी बनाने की क्षमता रखने वाला अदभुत योग

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Tuesday, 30 July 2013

खून की कमी



खून की कमी



चकुंदर (उसको बीट भी कहें ते है )के टुकड़े करके चाशनी में डालकर पका लें l जैसे आंवला केंडी बनती है, वैसे ही ये चकुंदर केंडी बन गयी । थोडा रोज खाये ...खूब खून बनेगा.... भोजन के बाद या कैसे भी खाये इसके अलावा गन्ना खाएं तथा टमाटर का जूस व किशमिश भिगा के उसका जूस पियें । और भोजन के बाद किशमिश, टमाटर या गाजर ( उसमे से पीला भाग नीकाल दें ) उसका जूस पियें तो भी खून बनेगा ।
बीट एक फायदे अनेक
बीट जो एक कंदमूल है उसे लोग सलाद के रूप में भी लेते है।यह हमारे लिए बहुत ही उपयोगी कंदमूल है।इसे नियमित रूप से खाने से खून साफ रहता है तथा शरीर में खून की कमी भी नही होती है। इसका उपयोग कई तरह से किया जाता है। टमाटर के सूप का स्वाद और रंग बढ़ाने के लिए उपयोग किया जाता है।
बीट का नियमित रूप से यदि प्रतिदिन सेवन किया जाए तो कमजोरीभी दूर हो जाती है। जिन लोगों में खून की कमी हो जाती है या पाई जाती है उन लोगों को भी बीत खाने की सलाह डॉक्टर द्वारा दी जाती है। मोच आने पर बीट के पत्ते को रगड़ के लगाया जाए तो दर्द में राहत मिलता है।इस तरह बीट कई बिमेरियों से राहत पाने के लिए भी बहुत ही उपयोगी है।कब्जियत में बीट लाभकारी साबित होता है।
(१)पथरी से राहत के लिए चुकंदर :
चुकंदर को पानी में उबाल कर इसका सूप पीने से पथरी में लाभ होता है .मात्र तीस मिली -लीटर (६ चाय के चम्मच के बराबर ) सूप दिन में चार बार लें ।
इससे गुर्दे की सूजन भी दूर होती है .ये पेशाब ज्यादा लाता है .मूत्रल है.डाय-युरेतिक्स का काम करता है .गुर्दे के रोगों में भी लाभदायक है ।
(२)सांस नाली को साफ़ रखता है :चुकंदर बलगम को निकालकर श्वसन मार्ग ,सांस -नली को साफ़ करता है ।
(३)बाल गिरना कम करता है :चुकंदर के ताज़े पत्ते मेहँदी के साथ पीसकर सिर पर लेप करने से बालों का गिरना बंद हो जाता है .बाल तेज़ी से उगतें ,बढतें हैं ।
(४)गंजपन का समाधान :चुकंदर के पत्तों को पीसकर इसमें थोड़ी सी हल्दी मिलाकर लेप करने से बाल उग आतें हैं ।
(५ )एग्जिमा में लाभ :चुकंदर के पत्तों के रस में शहद मिलाकर लगाने से दाद (एग्जिमा )ठीक हो जाता है ।
(६)गोरा बनाने का देशी सौदा :
एक कप चुकंदर के रस में एक कप पके लाल टमाटर का रस तथा दो चमच कच्ची हल्दी का रस (या एक चम्मच हल्दी पाउडर )मिलाकर सुबह शाम १५ दिन सेवन करने से त्वचा का रंग गोरा होता है ।
(७)उच्च रक्त चाप (हाई -पर -टेंशन /हाई -ब्लड प्रेशर )में राहत के लिए :
एक कप चुकंदर एक कप लाल टमाटर तथा आधा कप पपीता का रस और आधा कप किन्नू (नारंगी )का रस मिलाकर नित्य दो मर्तबा पीने से उच्च रक्त चाप में आराम आता है ।
बत्लादें आपको चुकंदर खून की नालियों ब्लड वेसिल्स को चौड़ा करता है ,नाइट्रेट्स से भरपूर है .

Anaemia


Chakunder (also called as beetroot), make slices of them and dip it in sugar syrup. Make candies out of it similar to amla candy. Have some everyday.... this will greatly improve blood formation... Take it after meals or in any other time. Once can also have juice made of amla, sugarcane, and tomato with soaked kismiss. Or having juice made of kismiss, tomato or carrot(remove the yellow portion) after meals is also considered beneficial.





Monday, 15 July 2013

एनिमिया की शिकायत दूर करते है ये 10 जोरदार हर्बल नुस्खे

एनिमिया की शिकायत दूर करते है ये 10 जोरदार हर्बल नुस्खे





एनिमिया या रक्त अल्पता भारत देश के लिए एक विकराल समस्या है। शरीर में खून की कमी ना सिर्फ हमें कमजोर बनाती है बल्कि अनेक रोगों और रोग कारकों से लडने की शारीरिक रोगप्रतिरोधक क्षमता में भी काफी गिरावट आती है। रक्त अल्पता जैसी समस्याओं के निपटारे के लिए आदिवासी बाहुल्य क्षेत्रों में हर्बल जानकार कुछ खास हर्बल नुस्खों का इस्तमाल करते हैं। चलिए आज जानते हैं एनिमिया जैसी समस्या के निपटारे के लिए10 चुनिंदा हर्बल नुस्खों को जिन्हें आजमाकर आज भी वनों में रह रहे आदिवासी इस समस्या का निदान करते हैं।

>रक्त अल्पता के रोगी यदि अनंतमूल, दालचीनी और सौंफ़ की समान मात्रा लेकर चाय के साथ उबालकर कम से कम दिन में एक बार सेवन करें तो रक्त शुद्धी के साथ-साथ रक्त बनने की प्रक्रिया में तेजी आती है।
 
 
>जिन्हें एनिमिया या रक्त अल्पता की शिकायत हो उन्हें प्रतिदिन पालक का रस (लगभग एक गिलास) दिन में 3 तीन बार अवश्य लेना चाहिए। पालक में विटामिन क्वएं क्वबीं क्वसीं और क्वईं के अलावा प्रोटीन, सोडियम, कैल्शियम, फास्फोरस, क्लोरिन, थायामिन, फाइबर, राइबोफ्लैविन और लौह तत्व आदि पाए जाते है।
 
>मक्के के नर्म हरे भुट्टे सेंककर खाने से उसके दाने बड़े स्वादिष्ट लगते हैं और पौष्टिक भी होते हैं। मक्के के दाने उबाल कर खाने से आमाशय मजबूत होता है, यह खून को बढ़ाने वाला (रक्त-वर्धक) भी होता है।
 
>शरपुंखा की पत्तियों और फल्लियों से तैयार लगभग 20मिली रस में 2चम्मच शहद मिला लिया जाए और सुबह और शाम खाली पेट पिया जाए तो खून साफ होता है और शरीर में रक्त बनने की प्रक्रिया में तेजी आती है।
 
>जामुन और आंवले के फलों का रस समान मात्रा में मिलाकर पीने से शरीर में हीमोग्लोबिन का स्तर बढ़ता है और जिन्हें रक्त-अल्पता होती है उन्हे काफी फायदा होता है।
 
>जिन लोगों को रक्त-अल्पता की शिकायत है उन्हें एक गिलास टमाटर का रस पिलाया जाए तो रक्तहीनता दूर होकर खून की वृद्धि होती है। आदिवासियों की मान्यता के अनुसार जिस घर में ज्यादा से ज्यादा टमाटर का उपयोग होता है, वहाँ एनिमिया की शिकायत देखने को नही मिलती है।
 
>सिंघाडा शरीर को शक्ति प्रदान करता है और खून बढाता है। सिंघाड़े में प्रोटीन, वसा, कार्बोहाईड्रेट, फास्फोरस, लोहा, खनिज तत्व, विटामिन क्वएं स्टार्च और मैंग्नीज जैसे महत्वपूर्ण तत्व पाए जाते है। कच्चे सिंघाडा का सेवन खून की मात्रा बढाने में मदद करता है।
 
>आदिवासियों के अनुसार खून की कमी होने पर फालसा के पके फल खाना चाहिए इससे खून बढ़ता है। शरीर में खून की कमी से अक्सर त्वचा में जलन की भी शिकायत होती है ऐसे में फालसे के फल या शर्बत को सुबह-शाम लेने से अतिशीघ्र आराम मिलता है।
 
>हंसपदी के संपूर्ण पौधे का चूर्ण बनाकर शहद के साथ उपयोग में लाने से खून की शुद्धि होती है और शरीर में साफ खून प्रवाहित होने लगता है। आदिवासियों के अनुसार पौधे के चूर्ण को शहद के साथ चाटने या पानी के साथ पीने से खून में वृद्दि होती है और एनिमिया की शिकायत भी दूर हो जाती है।
 
>नमक और लहसून का सीधा सेवन रक्त शुद्ध करता है, जिन्हें रक्त में प्लेटलेट्स की कमी होती है उन्हे भी नमक और लहसून की समान मात्रा सेवन में लेनी चाहिए। खाने के साथ लहसून की कच्ची कलियाँ और नमक का सेवन अत्यंत हितकर माना जाता है।




Saturday, 1 June 2013

अच्युताय गुलकंद(Achyutaya Gulkand)

अच्युताय गुलकंद(Achyutaya Gulkand)

(प्रवालपिष्टी युक्त)


पित्तनाशक,मधुर,शीत,68 प्रकार के वायुदोष,अनिमिआ ,रक्ताल्पता,शरीर की जलन,विविध स्त्री रोगों मे व विद्यार्थियों के लिए विशेष गुनकारी ।



Saturday, 25 May 2013

अच्युताय ब्राह्मी शर्बत (Achyutaya Brahmi Sharbat)

 अच्युताय ब्राह्मी शर्बत  (Achyutaya  Brahmi Sharbat)

Benefits :- इस शर्बत के सेवन से ज्ञानतन्तु तथा दिमाग कि निर्बलता , यादशक्ति कि कमी , सिरदर्द , चक्कर आना, उन्माद, हिस्टीरिया(अपस्मार), वायु खून कि कमी इत्यादि दूर होकर दिमाग शांत होता हैं ! बुद्धिवर्धक तथा स्फुर्तिदायक इस शर्बत का उपयोग अति लाभदायक है!
Direction For Use :- २० से ४० ग्राम पानी के साथ दिन में दो बार लें !


Wednesday, 6 March 2013

अच्युताय लिवर टोनिक सिरप(Achyutaya Liver Tonic Syrup)





अच्युताय लिवर टोनिक सिरप(Achyutaya Liver Tonic Syrup)


सभी प्रकार के यकृत,
खून की कमी, पीलिया, रक्त-
विकार, कमजोरी, भूख न
लगना, अरुचि, कब्ज, पेट दर्द
तथा गैस में अत्याधिक लाभप्रद मात्रा: 1 से 2 चम्मच सुबह-शाम 

(1)Product Name :- Achyutaya Liver Tonic Syrup
(2)Quantity :- 100 ml.
(3)Direction For Use :- 1 to 2 t.s.f. once or twice a day ( Dose depends upon age, weight & illness of the individuals). OR as directed by physician.
(4)Benefits :-  For all types of liver disease, anaemia, jaundice, blood impurities, weakness, constipation & gas trouble.

(5)Main Ingredients :- Aloe Barbedensis(gwarpatha), picrorrhiza kurro(kutki), Tinospora cordifolia(Giloy) etc







 

Friday, 1 March 2013

अच्युताय घृतकुमारी रस(Achyutaya Aloevera Juice)




अच्युताय घृतकुमारी रस(Achyutaya Aloevera Juice)



त्रिदोष नाशक ,जठराग्नि वर्धक ,यकृत (लिवर)के लिए यह वरदान स्वरूप है ।
विविध त्वचा विकार ,पीलिया ,रक्ताल्पता ,कफ ज्वर ,खांसी ,तिल्ली की वृद्धि नेत्र व स्त्री रोग ,विसर्प ,वातरक्त (गाऊट),जलोदर ,सुजन ,आन्तरिक जलन आदि में लाभ दायी है  ।


Benefits :- Aloe-Vera juice works as a liver-tonic. Balances all the three doshas & improves appetite. Useful in liver dysfunction, jaundice, anaemia, hepatomegaly, splenomegaly, ascites, generalized edema(anasarca) etc. It purifies the blood therefore useful in skin diseases, herpes, Internal hotness, gout, menstrual irregularity, pain during menses(dysmenorrhea), eye diseases etc.
Direction For Use :-
  • For elder people :- 10 to 20 ml/day.
  • For children :- 5 to 10 ml/day.
OR as directed by physician. Note :- Do not take milk 2 hr. before & 2 hr. after medicine.
Main Ingredients :- Aloe barbedensis(gwarpatha).







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