प्राकृतिक चिकित्सा

प्रत्येक मनुष्य के जीवन में इन तीन बातों की अत्यधिक आवश्यकता होती है – स्वस्थ जीवन, सुखी जीवन तथा सम्मानित जीवन। सुख का आधार स्वास्थ्य है तथा सुखी जीवन ही सम्मान के योग्य है।

आयुर्वेद का अनुपम उपहार

अच्युताय हरिओम उत्पाद

स्वास्थ्य का सच्चा मार्ग

स्वास्थ्य का मूल आधार संयम है।

सर्दियों के लिए विशेष

अच्युताय हरिओम उत्पाद

Achyutaya HariOm Panchamrit Ras :अच्युताय हरिओम पंचामृत रस : स्वास्थय व ऊर्जा प्रदायक, पाचक, व रोगनाशक अदभुत योग

Achyutaya HariOm Santkripa Surma : अच्युताय हरिओम संतकृपा सुरमा - आँखों को सुरक्षित, निरोगी, तेजस्वी बनाने की क्षमता रखने वाला अदभुत योग

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Wednesday, 24 July 2013

वीर्य वर्धक प्रयोग

वीर्य वर्धक प्रयोग



1) शुद्ध कोंच के बीज, विदारीकन्द, गोखरू, शतावरी, अश्वगंधाम प्रत्येक १००-१०० ग्राम, जायफल, छोटी इलायची, पिप्पली प्रत्येक २० ग्राम तथा शुद्ध बंगभस्म १२० ग्राम-इन सभीको अलग-अलग पीसकर अच्छी तरह मिला के काँच की बरनी में रख लें | सुबह ३ ग्राम मिश्रण ८-१० बूंद बड़ का दूध मिला के दूध के साथ सेवन करें |

2) शुद्ध बंगभस्म १ रत्ती (१२० मी. ग्रा. %) सुबह घी के साथ लें और ऊपर से दूध पी लें | यह प्रयोग ४०-६० दिनों तक करने व ब्रह्मचर्य का पालन करने से शुक्राणुओं की वृद्धि होगी | इससे नपुंसकता में भी लाभ होता है |

3)कौंच :कौंच के बीज और गोखरू के चूर्ण को मिश्री के साथ मिलाकर दूध के साथ पीने से शारीरिक शक्ति बढ़ती है।

4)असगंध :असगंध के चूर्ण को दूध में मिलाकर पीने से शरीर शक्तिशाली बनता है और आदमी का वीर्य पुष्ट होता है।

5)मूसली :काली मूसली के चूर्ण में मिश्री को मिलाकर खाने से शरीर की शक्ति बढ़ती है।

6)शतावर: शतावरी को पकाकर खाने या शतावरी के चूर्ण की खीर बनाकर सेवन करने से शरीर की ताकत में वृद्धि होती है।
Semen –promoting mixture:

(1) Take pure kaunch (Mucuna pruriens) seeds, Vidarikand (Ipomoea Paniculata), Gokharu (Tribulus Terrestris), Shatawari (Asparagus racemosus), Ashwagandha (Withania somnifera) 100 grams each; Jaiphal (Myristica fragrans), small cardamom, Pippali (Piper longum) 20 grams each and pure Vanga-bhasma (oxide of tin compounds) 120 grams. Grind them separately and then mix them well. Store the mixture in a glass jar. Take 3 grams of the mixture in the morning mixed with 8-10 drops if the milky juice of banyan milk with milk.


(2)Take pure Vang-bhasma 120 mg in the morning with ghee. Then drink milk. Doing this for 40 to 60 days while observing Brahamcharya will increase sperm count of the semen. It helps in impotency as well. 

Tuesday, 28 May 2013

अच्युताय आँवला चूर्ण(Achyutaya Amla Churna)


अच्युताय आँवला चूर्ण(Achyutaya Amla Churna)

ऊर्जावर्धक, शक्तिदायक,धातुरक्षक व पौष्टिकता से पूर्ण ।
(संपूर्ण परिवार के लिऐ)


शक्ति व वीर्यवर्धक ,त्रिदोषनाशक ,असमय बालों का सफेद होना व झड़ना रोकता है।नेत्ररोग,स्वप्नदोष,प्रदररोग एवं स्त्रियों के मासिक धर्म संबंधी सभी रोगों मे लाभदायी ।

(1)Product Name :- Achyutaya Amla Churna
(2)Quantity :- 400 g. / 265 g.

(3)Direction For Use :- 2 to 4 g. churna at night ( Dose depends upon age, weight & illness of the individuals). OR as directed by physician.
       Note :- Do not take milk 2 hr. before & 2 hr. after medicine.
(4)Benefits :- Amla Churna Increase production of ras & veerya.
             Useful in pittaj disorders, such as internal hotness, burning eyes, hyperacidity,burning soles etc.
             It controls spermatorrhoea, night fall, leucorrhoea, menorrhagia.
             It clears constipation & increase apetite.
(5)Main Ingredients :- Emblica officinalis(amla), Sugar. 





Sunday, 26 May 2013

अच्युताय अश्वगंधा पाक (Achyutaya Ashwagandha Pak)



अच्युताय अश्वगंधा पाक  (Achyutaya Ashwagandha Pak) 

लाभःयह पाक शक्तिवर्धक, वीर्यवर्धक, स्नायु व मांसपेशियों को ताकत देने वाला एवं कद बढ़ाने वाला एक पौष्टिक रसायन है। यह धातु की कमजोरी, शारीरिक-मानसिक कमजोरी आदि के लिए उत्तम औषधि है। इसके सेवन से शुक्राणुओं की वृद्धि होती है एवं वीर्यदोष दूर होते हैं। धातु की कमजोरी, स्वप्नदोष, पेशाब के साथ धातु जाना आदि विकारों में इसका प्रयोग बहुत ही लाभदायी है। यह राज्यक्ष्मा(क्षयरोग) में भी लाभदायी है। इसके सेवन से नींद भी अच्छी आती है। यह वातशामक तथा रसायन होने के कारण विस्मृति, यादशक्ति की कमी, उन्माद, मानसिक अवसाद (डिप्रेशन) आदि मनोविकारों में भी लाभदायी है। दूध के साथ सेवन करने से शरीर में लाल रक्तकणों की वृद्धि होती है, जठराग्नि प्रदीप्त होती है, शरीर में शक्ति आती है व कांति बढ़ती है। सर्दियों में इसका लाभ अवश्य उठायें।


Monday, 11 March 2013

रसायन चूर्ण(Rasayan Churna)



रसायन चूर्ण(Rasayan Churna)


लाभ : आयुर्वेद के अनुसार 40 साल की उम्र के बाद निरोग 
एवं दीर्घ आयुष्य के लिए रसायन का सेवन करना चाहिए
यह शक्ति,स्फूर्ति व ताजगी देनेवाला, बीमारियों का नाश
करनेवाला एवं वृद्धावस्था को दूर रखनेवाला है यह
जीर्णज्वर,वीर्यदोष,मूत्र-सबंधी विकार, स्वप्नदोष में
अत्यंत लाभदायी है बढती उम्र के साथ आनेवाली कमजोरी
एवं बीमारियों से यह रक्षा करता है
मात्रा व सेवनविधि : 2 से 3 गोलियाँ दूध, घी, शहद या
पानी के साथ ले सुबह दातुन के बाद चूसकर सेवन करेने
से विशेष लाभ होता है

(1)Product Name :- Rasayan Churna
(2)Quantity :- 100 g.
(3)Direction For Use :- 2 to 4 g. churna morning empty stomach with 1 t.s.f.ghee + ½ t.s.f. honey .( Dose depends upon age, weight & illness of the individuals). OR as directed by physician.
(4)Benefits :- Rasayan Churna protects from the diseases, delayed aging &  improves immunity.
              Very Useful in disease of genito-urinary tract. viz.
         (1)Maintain vitality of surviving neurons in CRF.
         (2)Improves recovery in ARF & prevents progression                    to CRF.
         (3)Glomerulonephritis.
         (4)Prevents recurrence in chronic & acute UTI.
         (5)Decrease irritative symptoms in BEP (Benign  Enlargement of Prostate).
         (6)Useful in detruser instability.
         (7)Useful in night fall, spermatorrhoea etc.
(5)Main Ingredients :- Tinospora cordifolia (Giloy) & other medicine that inceases immunity power.













Sunday, 10 March 2013

अच्युताय रसायन टेबलेट(Achyutaya Rasayan Tablet)




अच्युताय रसायन टेबलेट(Achyutaya Rasayan Tablet)



लाभ : आयुर्वेद के अनुसार 40 साल की उम्र के बाद निरोग 
एवं दीर्घ आयुष्य के लिए रसायन का सेवन करना चाहिए
यह शक्ति,स्फूर्ति व ताजगी देनेवाला, बीमारियों का नाश
करनेवाला एवं वृद्धावस्था को दूर रखनेवाला है यह
जीर्णज्वर,वीर्यदोष,मूत्र-सबंधी विकार, स्वप्नदोष में 
अत्यंत लाभदायी है बढती उम्र के साथ आनेवाली कमजोरी
एवं बीमारियों से यह रक्षा करता है
मात्रा व सेवनविधि : 2 से 3 गोलियाँ दूध, घी, शहद या
पानी के साथ ले सुबह दातुन के बाद चूसकर सेवन करेने
से विशेष लाभ होता है

(1)Product Name :- Achyutaya Rasayan Tablet
(2)Quantity :- 50 g.
(3)Direction For Use :- 2 to 3 tab. morning empty stomach with 1 t.s.f.ghee + ½ t.s.f. honey / milk. ( Dose depends upon age, weight & illness of the individuals). OR as directed by physician.
(4)Benefits :- Rasayan Tablet protect from the disease and delayed aging &  improve immunity.
              Very Useful in disease of genito-urinary tract. viz.
         (1)Maintain vitality of surviving neurons in CRF.
         (2)Improves recovery in ARF & prevents progression   to CRF.
         (3)Glomerulonephritis.
         (4)Prevents reccurence in chronic & recurrent UTI.
         (5)Decrease irritative symptoms in BEP (Benign  Enlargement of Prostate).
         (6)Useful in detruser instability.
         (7)Useful in night fall, spermatorrhoea etc.
(5)Main Ingredients :- Emblica officinalis(amla), Tinospora cordifolia(Giloy)  etc. 














Saturday, 26 January 2013

ब्रम्हचर्य सहायक प्राणायाम


ब्रम्हचर्य सहायक प्राणायाम


सीधा लेट जाये पीठ के बल से.. कान में रुई के छोटे से बॉल बना के कान बंद कर देना | अब नजर नासिका पर रख देना और रुक-रुक के श्वास लेता रहें | आँखों की पुतलियाँ ऊपर चढ़ा देना ...शांभवी मुद्रा शिवजी की जैसी है| वो एकाग्रता में बड़ी मदद करती है | जिसको अधोमुलित नेत्र कहते है | आँखों की पुतली ऊपर चढ़ा देना ... दृष्टि भ्रूमध्य में टिका लेना ... जहाँ तीलक किया जाता है वहाँ | आँखे बंद होने लगेगी ... कुछ लोग बंद करते है तो मनोराज होता है, दबा के बंद करता है सिर दुखता है | ये स्वाभाविक आँखे बंद होने लगेगी | बंद होने लगे तो होने दो | शरीर को शव वत ढीला छोड़ दिया .... चित्त शांत हो रहा है ॐ शांति .... इंद्रिया संयमी हो रही है .... फिर क्या करें.. फिर कुंभक करें .. श्वास रोक दे ... जितने देर रोक सकते है ... फिर एकाक न छोड़े, रिदम से छोड़े ...बाह्य कुंभक ...अंतर कुंभक.. दोनों कुंभक हो सकते है | इससे नाडी शुद्ध तो होगी और नीचे के केन्द्रों में जो विकार पैदा होते है वो नीचे के केन्द्रों की यात्रा ऊपर आ जायेगी | अगर ज्यादा अभ्यास करेंगा आधा घंटे से भी ज्यादा और तीन time करें तो जो अनहदनाद अंदर चल रहा है वो शुरू हो जाएगा | गुरुवाणी में आया – अनहद सुनो वडभागियाँ सकल मनोरथ पुरे | तो कामविकार से रक्षा होती है और अनहदनाद का रस भी आता है, उपसाना में भी बड़ा सहायक है



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