प्राकृतिक चिकित्सा

प्रत्येक मनुष्य के जीवन में इन तीन बातों की अत्यधिक आवश्यकता होती है – स्वस्थ जीवन, सुखी जीवन तथा सम्मानित जीवन। सुख का आधार स्वास्थ्य है तथा सुखी जीवन ही सम्मान के योग्य है।

आयुर्वेद का अनुपम उपहार

अच्युताय हरिओम उत्पाद

स्वास्थ्य का सच्चा मार्ग

स्वास्थ्य का मूल आधार संयम है।

सर्दियों के लिए विशेष

अच्युताय हरिओम उत्पाद

Achyutaya HariOm Panchamrit Ras :अच्युताय हरिओम पंचामृत रस : स्वास्थय व ऊर्जा प्रदायक, पाचक, व रोगनाशक अदभुत योग

Achyutaya HariOm Santkripa Surma : अच्युताय हरिओम संतकृपा सुरमा - आँखों को सुरक्षित, निरोगी, तेजस्वी बनाने की क्षमता रखने वाला अदभुत योग

AD

Ad

Showing posts with label त्वचा विकार (skin disorders). Show all posts
Showing posts with label त्वचा विकार (skin disorders). Show all posts

Friday, 9 August 2013

घर में बनाएं खुजली नाशक तेल

घर में बनाएं खुजली नाशक तेल


त्वचा पर खुजली चलने, दाद हो जाने, फोड़े-फुंसी हो जाने पर खुजा-खुजाकर हाल बेहाल हो जाता है और लोगों के सामने शर्म भी आती है।

यदि आप कोई क्रीम या दवा लगाना न चाहें या लगाने पर भी आराम न हो तो घर पर ही यह चर्म रोगनाशक तेल बनाकर लगाएं, इससे यह व्याधियां दूर हो जाती हैं।


तेल बनाने की विधि : नीम की छाल, चिरायता, हल्दी, लाल चन्दन, हरड़, बहेड़ा, आंवला और अड़ूसे के पत्ते, सब समान मात्रा में। तिल्ली का तेल आवश्यक मात्रा में। सब आठों द्रव्यों को 5-6 घंटे तक पानी में भिगोकर निकाल लें और पीसकर कल्क बना लें।

पीठी से चार गुनी मात्रा में तिल का तेल और तेल से चार गुनी मात्रा में पानी लेकर मिलाकर एक बड़े बरतन में डाल दें। इसे मंदी आंच पर इतनी देर तक उबालें कि पानी जल जाए सिर्फ तेल बचे। इस तेल को शीशी में भरकर रख लें।

जहां भी खुजली चलती हो, दाद हो वहां या पूरे शरीर पर इस तेल की मलिश करें। यह तेल चमत्कारी प्रभाव करता है। लाभ होने तक यह मालिश जारी रखें, मालिश स्नान से पहले या सोते समय करें और चमत्कार देखें।


* ''अच्युताय मलहम(Achyutaya Malham)'' पैरों की कटी-फटी एड़ियों एवं दाद,खाज  खुज़ली के लिए अत्यधिक लाभप्रद है ।

* ''अच्युताय नीम तेल'' दाद, खाज, खुजली तथा चर्म रोग पर लगायें ,कुष्ठ- रोग, विषमज्वर, फिलपाँव, सड़े घाव तथा आमवात में 5 से 10 बूंद प्रयोग करे।

* ''अच्युताय नीम अर्क(Achyutaya Neem Ark)'' (रक्त शुद्धिकर ,पित्तशामक) दाद, खाज, खुजली, कील - मुँहासे, रक्तप्रदर, गर्भाशय के रोग, पुराने त्वचा विकारों व आँखों के सर्व विकारों मे गुणकारी ।  दाह व पित्तशामक, पीलिया, पांडुरोग, रक्तपित्त, उलटी व यकृत के सब रोगों में लाभदायी । बाल झडना भी कम होता है ।

काले हैं तो क्या हुआ… ‘स्वस्थ’ तो हैं!

काले हैं तो क्या हुआ… ‘स्वस्थ’ तो हैं!



कुछ पुरुष अथवा महिलाएं अपने काले या सांवले रंग के कारण दुःखी बने रहते हैं। वे शीशे के सामने जाने से घबराते हैं। उन्हें अपने रंग की चिंता किये बिना, अपने शरीर को पूर्ण रूप से स्वस्थ रखने पर अधिक ध्यान देना चाहिए। रंग गोरा होने पर यदि कोई रोगी रहता है तो उस गोरी त्वचा का क्या लाभ? हमें रोग मुक्त रहकर शरीर को स्वस्थ रखना चाहिए, यह हमारा धर्म है।
:) त्वचा के सांवलेपन को हटाने के लिए बाजारू प्रसाधनों पर पैसा बर्बाद मत करें। ऐसा खाएं कि आपकी सांवली त्वचा पर भी निखार आने लगे।

:) स्वस्थ रहने के लिए पूरे शरीर को नियमित साफ रखें। इससे त्वचा में भी सुधार आता जायेगा।

:) शरीर पर नियमित मालिश करने के पश्चात् नहाने की आदत बना लें। इससे त्वचा पर खुरदरा या रूखापन भी नहीं आयेगा। शरीर में रक्त संचार ठीक होगा। रोग दूर भागेंगे।

:) जैतून का तेल खुरदरी या रूखी त्वचा को ठीक कर देता है। इसको लगाना अच्छा रहता है।

:) “अच्युताय एलोवेरा जेलत्वचा को मुलायम व कोमल बनाती है! सूर्य की तेज किरणों , धुल. केमिकल्स आदि से त्वचा पर होनेवाले प्रभाव से रक्षा करता है! कील , मुँहासे, काले दाग, झुर्रियाँ आदि को दूर करता है

:) कच्चा दूध थोड़ा-सा कटोरी में लें। हल्की चुटकी नमक डालें। रूई के साथ चेहरे तथा हाथों पर मलें। रंग रूप दोनों निखरेंगे। स्वास्थ्य में भी वृध्दि आने लगेगी, क्योंकि रक्त संचार बढ़ जायेगा।

:) कच्ची सब्जियां, कच्चे फल, हरी सब्जियां तथा मौसमी फल अधिक मात्रा में लें। तले पदार्थों तथा जंक फूड से बचें। स्वस्थ होते जायेंगे।

:) शरीर को दिन भर 8 से 10 गिलास पानी मिलना ही चाहिए। इससे शरीर तो स्वस्थ होगा ही, आपकी सांवली त्वचा में भी चमक आती जायेगी।

:) गाजर खाएं। इसका रस चेहरे पर मलें। पानी में नींबू डालकर पीएं। छिलके को चेहरे पर मलें। एक-दो सप्ताह में चमत्कारी परिवर्तन देखेंगे।


:) अधिकारिक ताजा हवा, शुध्द हवा में जाएं। स्वास्थ्य तथा रंग, दोनों उत्तम होंगे।

Thursday, 11 July 2013

ब्यूटी के लिए, बस तीन सब्जियां



ब्यूटी के लिए, बस तीन सब्जियां

सब्जियां सिर्फ सेहत के लिए ही उपयोगी नहीं होतीं, बल्कि ये आपकी सुंदरता में भी इजाफा कर सकती हैं। यकीन नहीं होता? तो आजमाइए इन असरदार उपायों को। दिन-ब-दिन निखरती त्वचा आपको अहसास दिला देगी कि सब्जियां सौंदर्यवर्द्घक भी होती हैं।

टमाटर: टमाटर के रस में नीबू का रस मिलाकर लगाने से खुले रोम छिद्रों की समस्या दूर होती है। तैलीय त्वचा होने पर टमाटर को आधा काटकर चेहरे पर रगड़ें। कुछ देर बाद चेहरा धोकर पोंछ लें। ऐसा करने से अतिरिक्त तैलीयता दूर होती है।

आलू : आलू की पतली स्लाइसें आँखों पर रखने से थकी आँखों को राहत मिलती है। कच्चे आलू का रस आँखों के डार्क सर्कल्स दूर करता है। आलू उबालने के बाद बचा पानी फेंकिए नहीं, इसमें कुछ देर हाथ डुबोकर रखें, फिर साफ पानी से धोएँ। आपके हाथ साफ व मुलायम हो जाएँगे।

खीरा: खीरा नैचुरल क्लींजर है। ऑइली स्कीन वालों के लिए यह बेदह लाभप्रद है। खीरे के रस में चंदन पावडर मिलाकर पेस्ट बना लें। इसे चेहरे पर लगाएँ। कुछ देर बाद धो लें। इसके नियमित प्रयोग से चेहरा झाइयों रहित हो जाएगा। इसके अलावा खीरा (ककड़ी) के रस में गुलाबजल एवं कुछ बूँदें नीबू का रस मिलाकर लगाने से चेहरे का रंग साफ होता है।


Friday, 31 May 2013

अच्युताय नीम अर्क (Achyutaya Neem Ark)

अच्युताय नीम अर्क(Achyutaya Neem Ark)


(रक्त शुद्धिकर ,पित्तशामक)


दादखाजखुजलीकील - मुँहासेरक्तप्रदरगर्भाशय के रोगपुराने त्वचा विकारों व आँखों के सर्व विकारों मे गुणकारी ।  दाह व पित्तशामकपीलिया, पांडुरोगरक्तपित्त, उलटी व यकृत के सब रोगों में लाभदायी । बाल झडना भी कम होता है ।


Saturday, 23 March 2013

अच्युताय नीम तेल ( Achyutaya Neem Tel )




नीम तेल

दाद, खाज, खुजली तथा
चर्म रोग पर लगायें ,कुष्ठ-
रोग, विषमज्वर, फिलपाँव,
सड़े घाव तथा आमवात
में 5 से 10 बूंद प्रयोग करे।


(1)        Product Name :- Achyutaya Neem Tel
(2)        Quantity :- 100 ml
(3)            Direction For Use :- Gently massage over affected part OR as directed by physician.
(4)            Benefits :- Useful in skin infestation viz. ringwarm(Tinea cruries, Tinea capitis, Tinea barbae), scabies & alopecia, eczema, idiopathic age related itching.
(5)            Main Ingredientns :-  Azadirachta Indica (Neem tel). 
















Tuesday, 12 March 2013

हिंगादि हरड़ चूर्ण(Hingadi Harad Churna)


हिंगादि हरड़ चूर्ण(Hingadi Harad Churna)


गैस, अम्लपित्त, कब्जियत, आफरा, डकार, सिरदर्द, अपचन, मंदाग्नि, अजीर्ण एवं पेट के अन्य छोटे-मोटे असंख्य रोगोंके अलावा चर्मरोग, लीवर के रोग, खांसी, सफेद दागकील-मुहांसे, वायुरोग, संधिवातहृदयरोग, बवासीर, सर्दी, कफ, किडनी के रोग एवं स्त्रियों के मासिकधर्म संबंधी रोगों मे लाभ होता है ।


(1)Product Name :- Hingadi Harad Churna
(2)Quantity :- 100 g.
(3)Direction For Use :- 1 to 2 g. twice a day after meal                ( Dose depends upon age, weight & illness of the individuals). OR as directed by physician.
        Note :- Do not take milk 2 hr. before & 2 hr. after medicine.
(4)Benefits :- It increases apetite & regulates peristalsis.
              Useful in gas trouble, constipation, headache, indigestion, loss of apetite, etc.
              Also useful in skin disease, liver disease, acne, rheumatoid arthritis, heart disease, piles etc.

(5)Main Ingredients:- Ferula Narthex(hing), Terminalia chebula(harad) & other medicine that increases digestive power.











 






Tuesday, 5 March 2013

अच्युताय कोष्ठ शुद्धि कल्प(Achyutaya Kosth Shuddhhi Kalp Tablet)




अच्युताय कोष्ठ शुद्धि कल्प(Achyutaya Kosth Shuddhhi Kalp Tablet)


यह कल्प पेट के साथ प्रमुख अंगों जैसे लीवर ,किडनी ,प्लीहा,जठर तथा आंतो को साफ कर उसकी कार्य क्षमता बढाता है।

(1)Product Name :- Achyutaya Kosth Shuddhhi  Tablet
(2)Quantity :- 50 g.

(3)Direction For Use :- 2 to 3 tab. morning empty stomach with lukewarmwater.( Dose depends upon age, weight & illness of the individuals). OR as directed by physician.
        Note :- Do not take milk 2 hr. before & 2 hr. after medicine.
 (4)Benefits :- Kosth shudhdhi means removing unwanted waste products from stomach, intestine, liver, spleen & blood.
             Useful in abdominal pain, sprue, diarrhoea, dysentery, piles,fistula, constipation etc.
             Also useful in cough, asthma,chronic lung disease of children viz. allergic bronchitis, whooping cough etc.,  nocturia in children, eosinophilia, periodic recurrent fever etc.

(5) Main Ingredients :- Emblica ribes(vidang), Holarrhena antidysenterica(indrayav), ocimum sanctum (Tulsi Beej ) etc.










 



Friday, 1 March 2013

अच्युताय एलोवेरा जेल(Achyutaya AloeVera Gel)




अच्युताय एलोवेरा जेल(Achyutaya AloeVera Gel)


Benefits :- अच्युताय एलोवेरा जेल त्वचा को मुलायम व कोमल बनाती है! सूर्य की तेज किरणों , धुल. केमिकल्स आदि से त्वचा पर होनेवाले प्रभाव से रक्षा करता है! कील , मुँहासे, काले दाग, झुर्रियाँ आदि को दूर करता है!
Achyutaya Aloevera Gel keeps skin soft & blowing by penetrating into the skin through its stomata. Excellent barrier against U.V. Ray’s pollution & irritants. Prevent blemishes scars, crack, skin, acne & wrinkles. Useful for both oily & dry skins.


Direction For Use :- Gently apply the gel on skin after wash. (For External Use Only) त्वचा को पानी से धो लें फिर ‘ अच्युताय एलोवेरा जेल ‘ को हल्के हाथों से लगायें !







 


अच्युताय घृतकुमारी रस(Achyutaya Aloevera Juice)




अच्युताय घृतकुमारी रस(Achyutaya Aloevera Juice)



त्रिदोष नाशक ,जठराग्नि वर्धक ,यकृत (लिवर)के लिए यह वरदान स्वरूप है ।
विविध त्वचा विकार ,पीलिया ,रक्ताल्पता ,कफ ज्वर ,खांसी ,तिल्ली की वृद्धि नेत्र व स्त्री रोग ,विसर्प ,वातरक्त (गाऊट),जलोदर ,सुजन ,आन्तरिक जलन आदि में लाभ दायी है  ।


Benefits :- Aloe-Vera juice works as a liver-tonic. Balances all the three doshas & improves appetite. Useful in liver dysfunction, jaundice, anaemia, hepatomegaly, splenomegaly, ascites, generalized edema(anasarca) etc. It purifies the blood therefore useful in skin diseases, herpes, Internal hotness, gout, menstrual irregularity, pain during menses(dysmenorrhea), eye diseases etc.
Direction For Use :-
  • For elder people :- 10 to 20 ml/day.
  • For children :- 5 to 10 ml/day.
OR as directed by physician. Note :- Do not take milk 2 hr. before & 2 hr. after medicine.
Main Ingredients :- Aloe barbedensis(gwarpatha).







अच्युताय गुलाब महक(Achyutaya Gulab Mahak)




अच्युताय गुलाब महक(Achyutaya Gulab Mahak)


नाजुक त्वचा के लिए अत्यंत लाभदायी  है । इससे गर्मी   के कारण होने वाली फुन्सीयां कम होती है ।इससे दिन भर की थकान दूर होकर ताजगी आती है ।इससे त्वचा साफ होकर चेहरे की कांति बढती है ।


Benefits :- Daily use maintains natural glow, lusture & texture of skin. Useful in pimples, red skin & dark circle around eyes.
Direction For Use :-
  • Gently massage on face for 5 minutes.
  • For red & burning eyes instill 2 to 4 drops in eyes
OR as directed by physician.
Main Ingredients :- Rosa centifolia(gulab)










Ad

Ad

AD

AD